मंत्री पद छोड़ने के बाद बोले रवनीत सिंह बिट्टू, कहा- भाजपा जो जिम्मेदारी देगी उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा

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After stepping down from his ministerial post, Ravneet Singh Bittu

चंडीगढ़। After stepping down from his ministerial post, Ravneet Singh Bittu, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी नेतृत्व उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि संगठन का कोई भी निर्देश उनके लिए सर्वोपरि है। 'पार्टी का फोन आएगा तो मैं हमेशा की तरह उसे उठाऊंगा और जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी ताकत के साथ निभाऊंगा।'

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार में उनका मंत्री पद समाप्त हो गया। राजनीतिक हलकों में अब इस बात की चर्चा है कि भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बिट्टू को संगठन या चुनावी राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

हालांकि, बिट्टू ने इस पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की और कहा कि वह पार्टी के निर्णय का इंतजार करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया है कि उन्हे लुधियाना से विधानसभा की टिकट दी जाए।

रवनीत सिंह बिट्टू जून 2024 में केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री बनाए गए थे। बाद में उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया। करीब दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेलवे से जुड़े कई कार्यक्रमों और परियोजनाओं में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व किया।

पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल नेटवर्क से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय में भी उन्होंने कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन, फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी निभाई।

बिट्टू ने 2024 का लोकसभा चुनाव लुधियाना से भाजपा उम्मीदवार के रूप में लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेजकर केंद्र सरकार में मंत्री बनाया। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया।

हाल ही में भाजपा ने उनकी जगह अमृतसर से भाजपा नेता तरुण चुग को राज्यसभा भेज दिया। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार वह छह महीने तक बिना सांसद बने मंत्री रह सकते थे, लेकिन उन्होंने निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया।

अब भाजपा की नजर अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव पर है। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी पंजाब में बिट्टू के राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ का इस्तेमाल चुनावी रणनीति में कर सकती है। हालांकि फिलहाल बिट्टू का कहना है कि उनका पूरा ध्यान पार्टी के निर्देशों का पालन करने और संगठन को मजबूत करने पर रहेगा।